जहां साथ-साथ दिखाई देते हैं गणपति बप्पा और ध्रुव तारा
उज्जैन मंदिरों की भूमि हैं, जहां कि हवा में ही मानो श्रद्धा का विलय हो गया है। सैकड़ों, हजारों मंदिरों और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र उज्जैन में अनेक विशिष्ट मंदिर है। ऐसा ही एक देवस्थान हैं, ध्रुव सिद्ध गणेश। नदी दरवाजा स्थित इस स्थान पर भगवान गणेश की प्राचीन मूर्ति हैं। रात में इस मंदिर से आसमान की ओर दिखाई देने पर ध्रुव तारा दिखाई देता है। यह मंदिर ज्योतिर्विज्ञान के प्रख्यात विद्वान स्वर्गीय पंडित मोरेश्वर जी दीक्षित के निवास परिसर में है। ध्रुव तारे के सम्मुख होने की वजह से ही इस ध्रुवसिद्ध गणेश नाम दिया गया था।
आज जब पूरा देश गणेशोत्सव के उल्लास में डूबा हैं, मेरी इन गणपति से यही प्रार्थना है कि हर उस इंसान को राजकुमार ध्रुव की तरह यश देना, जिसने सुनीति पर चलने का प्रयास किया तो परिस्थितियों ने उसकी कठिन परीक्षा ली। जय श्री गणेश।

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