सकल कलुष निवारणी गंगे
नौ दिन नौ नदियां नौवां दिन, नौवीं नदी गंगा नौ दिन, नौ नदियां में नौवें दिन जानिए गंगा के बारे में: गंगा का नाम लेते ही जहन में तस्वीर उभरती हैं कलरव करती बहती धारा और उसमें आचमन करते लोगों की। हिमालय से उतरकर बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ते हुए गंगा दुनिया के सबसे ऊपजाऊ मैदानों को सिंचती हुई, असंख्य जीवों की प्यास को तृप्त करती हुई आगे बढ़ती है। गंगा के नाम पर कई कीर्तिमान हैं मसलन दुनिया का सबसे बड़ा डेल्टा गंगा नदी बनाती है। ऋग्वेद में गंगा का जिक्र हैं, महाभारत में गंगा का वर्णन हैं, रामायण में श्रीराम का केवट की नाव पर सवार होकर गंगा नदी पार करने के प्रसंग का उल्लेख हैं। अपने उदगम से सागर मिलन तक गंगा 2500 किलोमीटर का मार्ग तय करती हैं। इस पापमोचनी, मोक्षदायिनी नदी से हम सचमुच अपनी मां की तरह प्रेम करते हैं। जिस तरह मां से बहुत प्रेम करने के बावजूद शायद हम अपनी मां का उतना ख्याल नहीं रख पाते, जितना रखना चाहिए था। बस वैसा ही कुछ गंगा के साथ भी हैं, हम इससे प्रेम बहुत करते हैं पर यह प्रेम हमारी भावना, आस्था और स्मृतियों तक सीमित रह जाता हैं। हमारी मां हमसे क्या चाह रही हैं, आमतौर पर ह...