खिलौनों का तांडव
खिलौनों का तांडव मैं और मेरी तन्हाई जरा चौंक गई जब खाली घर में एक नई आवाज हुई लगा जैसे पड़ोस में किसी ने तेज टीवी है चलाया पर ये क्या , ये तो अपना गुलाबी टेड़ी बीयर था चिल्लाया मैंने हैरानी से पूछा , कि तुम बोलते हो ? वो नाराजगी में बोला , हां पर तुम सुनती नहीं हो। कितनी धूल जमी है , मेरे पास साफ करती नहीं हो। अचानक छोटा तेंदूआ मुझ पर गुर्राया अरे , उसके पास ही क्यों खड़ी हो ? कबसे भूखा हूं , खाने को कुछ देती क्यों नहीं हो ? मैं हुई अवाक् , वो और गुस्साया कहा सुना नहीं , खाना हैं मैंने मंगवाया कीचन की ओर चली ही थी कि नई आवाज गूंजी खरगोश बोला , मुझे इस तेंदुए के पास से हटाओ जी भूखा है , कही मेरा ही शिकार ना कर ले इतने में बड़ा टैडी बीयर बोला , अरे पहले मेरा डायपर तो बदल दें खिड़की खोलो मुझे घर जाना है , अब तो पैंग्विन भी लगा बोलने मैं थी बुरी तरह घबराई , ये खिलौनों के अंदर ...